धर्म वस्तुतः एक विज्ञान है, परम विज्ञान है - ओशो
धर्म वस्तुतः एक विज्ञान है, परम विज्ञान है - ओशो धर्म भी वस्तुतः एक विज्ञान है, साइंस है, परम विज्ञान है। वह कोई विश्वास नहीं है...
धर्म वस्तुतः एक विज्ञान है, परम विज्ञान है - ओशो धर्म भी वस्तुतः एक विज्ञान है, साइंस है, परम विज्ञान है। वह कोई विश्वास नहीं है...
विश्वास नहीं, जाग्रत विवेक - ओशो मेरे पड़ोस में, गांव में एक आदमी रहता था। वह जंगल से तोतों को पकड़ कर लाता और उनको पिंजरों में बंद कर देता।...
धर्म सबसे बड़ा विद्रोह है - ओशो दुनिया में जब भी कोई धार्मिक आदमी पैदा होता है तो पुरोहित और ब्राह्मण और पंडित हमेशा उसके विरोध म...
श्रद्धा नहीं, जिज्ञासा धार्मिक आदमी का पहला लक्षण है - ओशो श्रद्धा नहीं, जिज्ञासा धार्मिक आदमी का पहला लक्षण है। और जहां श्रद्धा पहला लक्षण...
सत्य को पाने की पहली शर्त अभय है- ओशो बूढ़ों का विश्वास कोई कीमत नहीं रखता। साहस जैसे-जैसे कम होता जाता है, विश्वास को पकड़ लेते हैं, भय के...
सच्चा धर्म औपचारिकता नहीं, भीतर की क्रांति है -ओशो एक साधु हुआ है, वह तो कोई नहीं था, कोई गैरिक उसने नहीं पहना था और उसने कभी अपन...
संदेह इस जगत में सबसे बड़ा साहस है -ओशो हम सुनते हैं, विश्वास करो। साधारणतः हम सुनते हैं गीता कहती हो, कुरान कहता हो, बाइबिल कहती हो, उसे म...
धर्म हमेशा एक क्रांति से उपलब्ध होता है - ओशो धर्म हमेशा क्रांति से उपलब्ध होता है, क्रम से, ग्रेजुअल नहीं उपलब्ध होता है। धर्म ध...
अहंकार से ज्यादा हिंसात्मक कुछ भी नहीं - ओशो अहंकार से ज्यादा हिंसात्मक, वायलेंट और कुछ भी नहीं है। अहंकार की पूर्ति के लिए किए गए काम सृजन...
चेतना के प्रतिक्रमण का रहस्य-सूत्र - ओशो अंधकार बाहर ही है। भीतर तो सदा ही आलोक है। ध्यान बहिर्गामी है तो रात्रि है। ध्यान अंतर्गामी बने तो...